September 26, 2021

वृतांत – Vritaant

खबर, संवाद और साहित्य

ब्लूटूथ इयरफोन्स का उपयोग करने से हो सकता है जान का खतरा, जानिए कैसे इससे बच सकते है

आज के समय में तकनीक बहुत ही आगे निकल गयी है और ऐसे में बाजार में तरह तरह के ब्लूटूथ इयरफोन्स उपलब्ध है जिनसे हम बिना की तार के फ़ोन को जोड़कर गाने सुन सकते है और बाते भी कर सकते है। ऐसे में यह जानकर बहुत ही अजीब लगेगा कि इन ब्लूटूथ इयरफोन्स की वजह से हमारी जान को भी खतरा हो सकता है। ऐसा ही हाल ही में राजस्थान में एक हादसा हो गया, जहा एक 28 साल के युवक के ब्लूटूथ इयरफोन्स में धमाका हो जाने के कारण उसकी जान चली गयी। इस खबर ने सभी ब्लूटूथ इयरफोन्स का उपयोग करने वालो लोगो डरा दिया क्योकि ब्लूटूथ इयरफोन्स आज के समय हर कोई उपयोग करता है और ब्लूटूथ इयरफोन्स का उपयोग करना एक आम बात हो गयी है। ऐसे में यह बात सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर ब्लूटूथ इयरफोन्स में धमाका कैसे हुआ ? इसी तरह से की घटना उस युवक के साथ हुई, जिसमे ब्लूटूथ इयरफोन्स को पहना हुआ था और अचानक से इयरफोन्स में धमाका होने पर युवक की जान चली जाती है। ऐसे में जब इस बात की जाँच की गयी तो पाया गया कि युवक की जान धमाके बाद दिल का दौरा पड़ने के बाद गयी है। इससे हम अंदाजा लगा सकते है कि अचानक धमाके  के बाद युवक को दिल का दौरा पड़ना धमाके से होने वाले झटके के प्रभाव के कारण हुआ था। हालाँकि इस बात की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है कि वह युवक कौनसी कंपनी के इयरफोन्स उपयोग कर रहा था। लेकिन कुछ खबरों के अनुसार वो युवक सस्ते वाले ब्लूटूथ इयरफोन्स जो किसी भी कंपनी के नहीं थे का उपयोग कर रहा था और वह उनको चार्ज में लगाए हुए उपयोग कर रहा था।

यह हादसा तब हुई जब लाइट के जाने के बाद लाइट वापस आयी। ऐसे में इस हादसे के अलग अलग कारण सामने आ रहे है। लेकिन सबसे पहले तो इयरफोन्स की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा होता है। हालाँकि जो भी बड़ी बड़ी कम्पनिया जो इयरफोन्स बनाती है वे सभी अपने प्रोडक्ट की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बनाते है और उन्हें भारत में इसके लिए अनुमति भी मिली  हुई है। ऐसे में सभी सुरक्षा परीक्षणों को ध्यान में रखने के बाद ही बड़ी कंपनियों के इयरफोन्स या अन्य प्रोडक्ट्स बाजार में आते है तो इनमे ऐसा कोई भी हादसा होने की सम्भावना नहीं होती है। इस हादसे के दूसरे कारण की बात करे तो यह हो सकता है कि युवक के इयरफोन्स में कोई भी क्षति पहुंची हो या बैटरी में कोई क्षति आ गयी हो या इसके अलावा यह भी हो सकता है कि अचानक लाइट के वापस आने के बाद वोल्टेज में बदलाव के कारण भी इयरफोन्स में धमाका हो सकता है।

ऐसे में इस हादसे से जुड़े हुए कई सारे कारण हो सकते है। लेकिन अगर देखा जाये तो सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह कि अगर हम कोई ऐसा प्रोडक्ट लेते है जिसमे बैटरी लगी हुई हो तो हमे ऐसे ही किसी भी ब्रांड का नहीं लेना चाहिए जिसके बारे में हमने कभी सुना न हो या जिसके बारे में कोई जानता न हो। क्योकि यहाँ पर सवाल हमारी सुरक्षा का होता है और ऐसे लोकल ब्रांड्स के ब्लूटूथ इयरफोन्स या कोई भी बैटरी वाले प्रोडक्ट्स हमे सुरक्षा का अश्वासन नहीं देते है और न ही इन्हे सभी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बाजार में लाया जाता है। कई बार यह भी देखा गया है कि बड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट्स में भी ऐसे ही कई हादसे हुए है लेकिन वो सभी लापरवाही से किसी भी प्रोडक्ट को काम में लेने पर हो सकता है। ऐसे हादसों से बचे रहने के लिए भी हमे किसी भी लोकल ब्रांड वाली चीज़े नहीं खरीदनी चाहिए और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स को भी लापरवाही के साथ काम में नहीं लेना चाहिए। बाजार में कई ऐसे प्रोडक्ट्स है जो हमे सस्ती कीमत पर मिल जाते है लेकिन उनमे न तो गुणवत्ता का कोई अश्वासन होता है नहीं सुरक्षा का। इसलिए ऐसे किसी भी प्रोडक्ट्स से हमे परहेज करना चाहिए।

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