January 18, 2022

वृतांत – Vritaant

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जानिए अफगानिस्तान जैसे देशो में होने वाली आतंकी लड़ाई से अमेरिका को कैसे फायदा होता है

अमेरिका को पूरी दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश के रूप में जाना जाता है लेकिन एक सवाल यह भी आता है कि आखिर अमेरिका हमेशा फायदे में क्यों रहता है और क्यों अमेरिका को अन्य देशो में चलने वाली लड़ाई से नुकसान के बदले फायदा होता है ? इसकी मुख्य वजह यह है कि दुनिया में जो हथियार काम में लिए जाते है उनमे लगभग 37 प्रतिशत केवल अमेरिका से आते है। हाल ही में ऐसा अफगानिस्तान में भी देखा गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अफगानिस्तान से अपनी सेना को वापस बुला लिया लेकिन जाते जाते अमेरिका ने अफगानिस्तान में तालिबान के लिए कई हथियार, सेना की गाड़िया और लड़ाकू विमान भी छोड़ दिए। अगर में दुनिया में सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनियों की बात की जाये तो दस में में पांच कम्पनिया अमेरिका की है। एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने 2002 से 2016 के बीच दुनिया के 167 देशो को 197 बिलियन डॉलर के हथियार बेचे थे। दुनिया का लोकतान्त्रिक देश होने के बाद भी अमेरिका हथियार बेचने से पहले यह नहीं सोचता है कि वह देश लोकतान्त्रिक मूल्यों का पालन करता है या नहीं। अमेरिका की ये कम्पनिया इराक, लीबिया, यमन, सूडान जैसे देशो को भी अमेरिका हथियार बेचता है और उनसे लड़ने के लिए अमेरिका खुद भी इन्ही कंपनियों से हथियार लेता है। अब लड़ाई कोई भी जीते लेकिन सबसे ज्यादा फायदा इन अमेरिकी कंपनियों को होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के अनुसार अमेरिका ने 2.2 ट्रिलियन डॉलर अफगानिस्तान पर खर्च किये है। लेकिन अफगानिस्तान में विकास तो हुआ ही नहीं है। अब सवाल यह आता है कि आखिर इतना सारा पैसा आखिर गया कहा ?

तथ्यों के अनुसार बात की जाये तो यही पैसा फिर अमेरिका के पास ही लाया जा रहा है। अमेरिका बहुत समय से अफगानिस्तान में आतंक से लड़ रहा है लेकिन अमेरिका ने अपनी प्राइवेट कंपनियों को यह जिम्मेदारी दे दी जो अमेरिका के लिए युद्ध की चीज़े बनाती है। अफगानिस्तान में चलने वाली इस लड़ाई में सभी हथियार, लड़ाकू विमान और गाड़िया आदि सभी चीज़े अमेरिका की इन्ही कंपनियों द्वारा दिए गए। जो पैसा अमेरिका ने अफगानिस्तान पर खर्च किया उसमे से 2 ट्रिलियन डॉलर तो इन्ही कंपनियों ने कमाया, यानि खर्च किया गया पैसा वापस अमेरिका के पास आ गया। इसके अलावा इन कंपनियों के निवेशकों को लड़ाई के दौरान खूब फायदा हुआ। इससे हमे पता चलता है कि कैसे अमेरिका दूसरे देशो में होने वाली लड़ाई से फायदे में रहता है। युद्ध का मतलब अमेरिका के लिए फायदा है और ऐसा ही अमेरिका ने सीरिया, ईरान  और वियतनाम जैसे देशो से खूब लाभ कमाया है।

अब हमारे दिमाग में यह सवाल आता है कि आखिर इस वैश्विक भ्रष्टाचार को कोई रोकता क्यों नहीं है ? इसे चुनाव वाले मुद्दे से समझ सकते है। जब चुनाव का समय होता है तो चुनाव के उम्मीदवारों को ये हथियार बनाने वाली कम्पनिया आर्थिक सहायता देती है। ये कम्पनिया उम्मीदवारों की चुनाव जितने में मदद करती है और जब कोई उम्मीदवार चुनाव जीत जाता है तो वह रक्षा विभाग पर हथियार खरीदने के लिए जोर देता है और ख़रीदे जाने वाले हथियार इन्ही कंपनियों के होते है। यानि इसका सीधा मतलब यह है कि जितना ज्यादा युद्ध या लड़ाई होगी उतना ही ज्यादा इन कंपनियों और अमेरिका को फायदा हो जायेगा। इसी तरह से इन कंपनियों के शेयर्स की कीमत बढ़ती और कंपनियों में निवेश का निवेश भी बढ़ जाता है। कहने को तो अमेरिका को एक लीडर के रूप में देखा जाता है लेकिन अमेरिका छोटे देशो में हो रही अशांति को खत्म करने की जगह खुद का लाभ ज्यादा जरुरी समझता है जो एक लीडर के गुण नहीं है। एक अच्छा लीडर सभी देशो को साथ लेकर चलता और सभी में शांति स्थापित करने की कोशिश करता है। अमेरिका को भी ऐसे देशो में अपने फायदे को छोड़कर उनके विकास में मदद करनी चाहिए तब ही वह एक शक्तिशाली देश का उदाहरण पेश कर सकता है।

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