September 26, 2021

वृतांत – Vritaant

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भारत के विकास में टाटा का है बहुत महत्वपूर्ण योगदान, जानिए टाटा ने कैसे भारत के विकास में मदद की है

टाटा समूह भारत भारत का सबसे सम्मानीय ब्रांड है। टाटा भारत समूह भारत का सबसे पुराण ब्रांड है और टाटा ने भारत के विकास में हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। टाटा ने भारत को ओलिंपिक में पहला स्वर्ण पदक लाने में भी मदद की थी। भारत के परमाणु अनुसन्धान में टाटा का बहुत बड़ा योगदान रहा है। टाटा शुरुवात से ही भारत को आत्मनिर्भर बनने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे टाटा के कई योगदान रहे है जिन्होंने भारत को आगे बढ़ने में मदद की है और भारत की अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायीं है। वर्तमान में टाटा समूह में पांच लाख से ज्यादा लोग काम करते है और लगभग 70 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को अपनी सेवाएं बेचता है। भारत की इतनी बड़ी कंपनी टाटा की शुरुवात मात्र 21 हजार रूपए के साथ हुई थी। टाटा की शुरुवात इस सोच के साथ की गयी थी कि क्यों भारत को मेनचेस्टर के कपडे खरीदने पड़ते है जबकि भारत खुद मेनचेस्टर को कपडे बेच सकता है। इसी सोच के साथ जमशेद जी टाटा ने नागपुर में कपडा मील की शुरुवात की। जमशेद जी टाटा ने यह व्यवसाय खुद के लिए ही शुरू नहीं किया था बल्कि समाज के लोगो को भी इससे फायदा हो और उनके जीवन को सुधर सके इस सोच के साथ भी जमशेद जी टाटा ने कंपनी की शुरुवात की। उन्होंने अपनी मील में काम करने वाली औरतो के बच्चो के लिए स्कूल बनवाये और बच्चो की देख रेख के लिए देखभाल केंद्र बनवाये।

भारत को ओलिंपिक में पूछने में भी टाटा का बहुत बड़ा योगदान है क्योकि दोराब जी टाटा खुद एक खिलाडी थे और उन्हें विश्वास था कि भारत में भी और अच्छे खिलाडी पैदा हो सकते है जो भारत का अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करे। भारत की हॉकी टीम को टाटा ने ही भारत को ओलिंपिक तक पहुंचने के लिए सहारा दिया और साल 1929 में भारतीय हॉकी टीम ने ओलिंपिक में पहला स्वर्ण पदक जीता। दोराब जी टाटा ने अपनी पत्नी की याद में टाटा मेमोरियल अस्पताल बनाया जो आज भी लोगो की सेवा करता है। यह अस्पताल आज भी 70 प्रतिशत मरीजों के कैंसर का इलाज मुफ्त में करता है। भारत में आजादी से पहले हवाई सेवा टाटा ने ही शुरू की थी और टाटा ने आजादी से पहले ही भारत को ऐसा देश बना दिया था जो खुद की हवाई यात्रा सेवा का संचालन कर सकता था।  इसके बाद टाटा एयर लाइन का नाम बदल कर एयर इंडिया रखा गया और इसके कुछ ही साल बाद अंतराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी शुरू हो गयी। टाटा द्वारा शुरू किया एयर इंडिया अब भारत सरकार द्वारा अधिग्रहित है लेकिन असल में टाटा ने ही भारत को पंख दिए है।

टाटा की कंपनी टीसीएस भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। टीसीएस द्वारा बनाये गए सॉफ्टवेयर आज पूरी दुनिया में इस्तेमाल किये जाते है क्योकि टीसीएस ने बहुत ही सुरक्षित और जटिल कार्यो को आसानी से करने के लिए कई सॉफ्टवेयर बनाये है जो दुनिया की बड़ी बड़ी  संस्थाओ द्वारा उपयोग किये जाते है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सॉफ्टवेयर टीसीएस द्वारा ही बनाया गया जो एक साथ लाखो करोडो हस्तांतरण नियंत्रित कर सकता है। टाटा ने भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी अपनी पहचान बड़े स्तर पर बनायीं है। टाटा ने साल 2000 में खुद से तीन गुना बड़ी कंपनी टेटली को ख़रीदा था। यह पहली बार था जब किसी भारतीय कंपनी ने किसी विदेशी कंपनी को ख़रीदा था। एक समय टाटा मोटर्स घाटे में चल रही थी और रतन टाटा अमेरिका की कंपनी फोर्ड के पास मदद के लिए गए। लेकिन फोर्ड के मालिक ने रतन टाटा को अपमानित किया और कहा कि जब आपको गाड़िया बनानी नहीं आती तो कोशिश भी मत करो। लेकिन इस बात को सुनकर रतन टाटा ने अपनी कंपनी की स्थिति सुधारने में लग गए और कुछ समय बाद ही टाटा मोटर्स फिर से मुनाफे में आ गयी। लेकिन इस समय फोर्ड कंपनी घाटे में थी और टाटा ने फोर्ड की मदद की। टाटा ने जैगुआर और लैंड रोवर दो बड़ी ब्रिटिश कंपनियों को खरीद लिया। जिन अंग्रेजो ने भारत पर 200 साल तक शासन किया उनकी ही कंपनियों को भारतीय कंपनी ने खरीद लिया। टाटा ने ऐसे कई तरीको से भारत को आगे बढ़ने में मदद की है और भारत के विकास में अपना योगदान दिया है। आज भी टाटा समूह सबसे समाज सेवा के साथ भारत को आगे बढ़ने में लगातार योगदान दे रहा है।

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