September 26, 2021

वृतांत – Vritaant

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इस साल से भारत में आएगी टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारे, जानिए क्या होगी कीमत और क्या खास होगा टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारो में

इस साल एलोन मस्क की कंपनी टेस्ला भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारे लॉन्च करने वाली है। इस खबर के बाद टेल्स को पसंद करने वाले लोगो में काफी उत्साह है। टेस्ला इलेक्ट्रिक कर बनाने में मामले में दुनिया में सबसे आगे है। अमेरिका सहित कई देशो में टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारो को खूब पसंद किया जाता है। अब भारत में टेस्ला इस साल से अपनी इलेक्ट्रिक कारो की बिक्री शुरू करेगी। भारत में टेस्ला के आने को लेकर भले ही लोग बहुत खुश हो लेकिन शायद लोग ज्यादा देर तक खुश नहीं रह पाएंगे इस इसकी एक बड़ी वजह टेल्स की इलेक्ट्रिक कारो की कीमत हो सकती है। टेस्ला अपनी कारो को यूएस से इम्पोर्ट कर भारत में लाएगी और भारत में इम्पोर्ट ड्यूटी ज्यादा होने के कारण इन कारो कीमत बहुत अधिक हो सकती है। दुनिया में इलेक्ट्रिक कारे बनाने वाली कई कम्पनिया है लेकिन भविष्य की कारो को बनाने वाली कंपनी केवल टेस्ला है। टेस्ला की कारो में ऑटो पायलट का फीचर होगा जिसकी मदद से बिना ड्राइवर के कारे अपने आप चल सकेगी। टेस्ला की कारो में केवल हमे अपनी लोकेशन को डालना होगा और कार हमे खुद वहा तक ले जाएगी। इसके अलावा टेस्ला की कारो की एक खास बात है स्पीड, इलेक्ट्रिक होकर भी टेस्ला की कारे 0 से 3 सेकंड में 100 तक की स्पीड पकड़ लेती है जिसके कारण टेस्ला की कारो की गिनती सुपर कारो में की जाती है। टेस्ला की कारो में शक्ति भी बहुत ज्यादा है। टेस्ला की कारे किसी बड़े विमान को भी आसानी से खींच सकती है। इलेक्ट्रिक होने के कारण टेस्ला की कारो में पेट्रोल पर होने वाला खर्च बच जाता है और यह इन कारो से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।

टेस्ला की सबसे सस्ती कर टेस्ला मॉडल 3 है। यूएस में इसकी कीमत लगभग 28 लाख रूपए है। लेकिन कुछ अनुमानों के अनुसार टेस्ला की यह कार जब भारत में आएगी तो इसकी कीमत लगभग 60 लाख से शुरू हो सकती है। यह सुनकर कई लोगो की टेस्ला को लेकर ख़ुशी कम हो सकती है क्योकि इतनी कीमत के साथ यह कार कई लोगो के बजट के बाहर हो जाएगी। कई लोगो के मन यह सवाल भी आ सकता है कि यूएस की कीमत और भारत में इस कार कीमत में इतना ज्यादा फर्क क्यों है ? इसकी मुख्य वजह है कि यह कार भारत में नहीं बनायीं जाती है बल्कि यह बाहर से इम्पोर्ट की जाती है। भारत में इम्पोर्ट होकर आने वाले वाहनों पर 100 प्रतिशत इम्पोर्ट ड्यूटी लगती है जिससे कीमत सीधा दो गुनी हो जाती है। भारत सरकार का कहना है कि यदि कोई भी कंपनी भारत में अपनी कारे बनाती है तो वे इम्पोर्ट ड्यूटी को कम कर देगी। इससे फायदा यह होगा की भारत में लोगो को रोजगार मिलेगा और वाहनों की कीमत भी कम होगी जिससे हर कोई इन्हे खरीद सकता है।

इन कारो की कीमत के हिसाब से यह कोई बड़ी समस्या नहीं क्योकि यदि ये कारे भारत में बनाना शुरू हो जाएगी तब इनकी कीमत भी कम होगी। लेकिन बड़ी समस्या यह है कि टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारे चीन में बनती है। लेकिन आखिर इन कारो को चीन में ही क्यों बनाया जाता है ? चीन दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट और चीन में लिथियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। लिथियम वही तत्व है जिससे इलेक्ट्रिक कारो की बैटरी बनायीं जाती है। इसके अलावा चीन में इलेक्ट्रिक कारो का बाजार भी बहुत बड़ा है। चीन की सरकार इलेक्ट्रिक कारो पर अधिक जोर दे रही है और चीन में सबसे अधिक संख्या में इलेक्ट्रिक कारो की बिक्री भी दर्ज की गयी है। ऐसे में भारत को भी इलेक्ट्रिक वहां बनाने वाली कंपनियों को भारत में निर्माण इकाई शुरू करने के लिए आमंत्रित करना होगा जिससे भारत भी चीन को टक्कर दे सकता है। भारत हर साल कई लाख करोड़ रूपए का कच्चा तेल आयात करता है लेकिन इलेक्टिक कारो के आने से इसकी मांग कम हो जाएगी और भारत का कच्चे तेल का आयात कम हो जायेगा। भारत आयात को कम करके कई लाख करोड़ रूपए बचा सकता है और इलेक्ट्रिक वाहन भारत के लिए सबसे किफायती साबित हो सकती है। टेस्ला के भारत में आने भारत में इलेक्ट्रिक कारो के मार्केट में तेजी आएगी और अन्य इलेक्ट्रिक कारे बनाने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले समय में भारत में कम कीमत में इलेक्ट्रिक कारे मिलना शुरू हो जाएगी। यानि टेस्ला का भारत में आना भारत के लिए अच्छी खबर है।

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